Manjeet

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एन्ड रिसर्च सेंटर के डॉक्टर्स की बड़ी उपलब्धि, जटिल ऑपरेशन कर जांघ से निकाली 9 किलो की गांठ
जयपुर के भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एन्ड रिसर्च सेंटर के खाते में एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। दुर्लभ बीमारी लार्ज सॉफ्ट टिषु सारकोमा विद न्यूरो वसकूलर इंवाल्वमेन्ट से पीड़ित मरीज मंजीत का सफल ऑपरेशन कर अस्पताल के चिकित्सकों ने यह उपलब्धि हासिल की है। मंजीत का सफल ऑपरेशन भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय के डॉ. प्रवीण गुप्ता, वरिष्ठ हड्डी कैंसर रोग विषेषज्ञ ने किया है।

10 वर्षों से थी गांठ

श्रीगंगानगर के रहने वाले मंजीत ने बताया कि लगभग 10 वर्षों से दांये पैर की जांघ पर ऊभरती हुई गांठ से पीड़ित थे। वर्ष 2013 तक यह गांठ ज्यादा तकलीफ दायक नहीं थी इसलिए चलने फिरने में कोई परेशानी नहीं हुई।

2013 में यह गांठ अप्रत्याषित रूप से बढ़ने पर लुधियाना के अस्पताल में ऑपरेशन करवाया। ऑपरेशन के कुछ महिनों बाद ही गांठ वापस बनने लगी एवं चलने-फिरने में तकलीफ होने लगी। कुछ ही दिनों में ये गांठ इतनी बढ गई की चलना तो दूर उठना-बैठना भी बहुत मुश्किल हो गया। स्थानीय चिकित्सकों से परामर्श करने पर उन्होंने पैर काटने की सलाह दी।

पैर काटने की आ गई थी नौबत

लार्ज सॉफ्ट टिषु सारकोमा विद न्यूरो वसकूलर इंवाल्वमेन्ट बीमारी से पीड़ित मंजीत का बीमारी की वजह से जांघ के ऊपर से पैर काटने की नौबत आ गई थी। पैर में खून का प्रवाह बेहद कम हो गया। रक्त कोषिकाएं गांठ की वजह से पैर के नीचे हिस्से में रक्त प्रवाह ही नहीं कर पा रही थी।  जयपुर में हुए ऑपरेशन में डॉक्टर्स ने ना केवल वर्षों पुरानी गांठ और दर्द से निजात दिलवाई बल्कि दूसरे पैर से रक्त कोषिकाएं लेकर खून का प्रवाह भी सुनिश्चित किया। 

9 किलो की निकाली गांठ 

भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय के डॉ. प्रवीण गुप्ता ने यह जटिल ऑपरेशन कर 9 किलोग्राम वजनी गांठ निकाली एवं दूसरे पैर की खून की नसे लेकर इस पैर की नसों को सही कर जोड़ा गया। यह अपनी तरह का अनूठा ऑपरेशन रहा।

कुछ समय के बाद लगा सकेंगे दौड़

डॉ. प्रवीण गुप्ता का कहना है कि उपचार की कारगर तकनीक के चलते मरीज ना केवल 3 दिन में चलने लगेगा बल्कि कुछ हल्के व्यायाम के बाद दौड़ भी लगा सकेंगे। 

Posted in